Md. Mustafiz Raza

Welcome to the blog. We provide authentic shayaries both in English and Hindi language for your comfort.
(NOTE:-NO SHAYARI HAS BEEN TAKEN FROM ANYWHERE ELSE, IT'S ALL MADE BY OWN). Also the poetry available here has been respecitively credited to their original writer. Keep Visiting. Thank you for your time.

To view shayari videos of various poets. Click on the link on the right side pannel.

Sunday, July 24, 2022

Translation :- Aah ko chahiye ek umr asar hote tak ( Mirza Ghalib )


Aah ko chahiye ek umr asar hote tak
Kaun jeeta hai tere zulf ke sar hote tak

ग़ालिब कहते हैं कि उनको अपने इशारों को महबूब के दिल पर असर करने में कई अरसा लग जाएगा।
और उस असर को तब देखने के लिए मैं जिंदा रहूंगा भी।
कौन इतना जिएगा तुम्हारी जुल्फों को गुठ बनते तक।
बालों के रेशे को सर के ऊपर गूठ बनते देखने को यहां ग़ालिब "जीवन के रहस्यमय तरीके" को भी दर्शा रहे हैं।
क्या पता जब तक तुम अपने बालों में व्यस्त रहोगे तब तक मैं तुम्हारे ध्यान अपनी ओर होते हुवे देख भी पाऊंगा। उससे पहले ही मर जाऊंगा।

Zulf ka sar hona:- मेरी बात तुम तक पोहोंच जाना। मेरे हाथ तेरी जुल्फ तक पोहोंच जाए या फिर मेरी बात तुम समझ जाए। मतलब जिसको चाहते हो उसको अपना बना लेना।

" जुल्फ का सर होना " ही मेरी आह है, मेरी पुकार है। और इस आह को मुकम्मल होने के लिए एक उम्र चाहिए। इतनी जल्दी ये मुकम्मल नही होगा।


Daam-e-har-mauj meiñ hai halqa-e-sad-kaam-e-nahang
Dekhain kya guzre hai qatre pe guhar hote tak

Daam:- जाल / Net
Halka:- गले की रिंग / ring
Sad:- सौ/ 100
Kaam:- मुंह/ mouth
Nahang:- मगरमच्छ/ Crocodile 
Guhar / Gauhar:- jewelry/ ज़ेवर 

इस शेर में कहते हैं की जब एक बारिश का कतरा गिरता है आसमान से तो उसकी ख्वाहिश होती है सीप ( Oyester) के खुले हुवे मुंह में गिरना जिसके बाद वो सीप का मुंह बंद हो जाएगा और वो बारिश का कतरा मोती बन जाएगा।
मगर जब बारिश का कतरा टपकता है तो नीचे कई जाल बिछे रहते हैं और मगरमच्छ भी मुंह खोल कर बैठा रहता है। मगरमच्छ के मुंह में एक हल्का होता है जो सीप की तरह ही दिखता है।

(1st Line) अब कतरे को अपने अंदर सामने के लिए जाल है, मगरमच्छ है, और सीप है। 

(2nd line) देखते हैं की उस कतरे को क्या मिलता है, जाल, मगरमच्छ का मुंह, या सीप।

Ham ne maana ki taghaful na karoge lekin
Khaak ho jaenge ham tum ko khabar hote tak

मुझे पता है की जब तुमको ये ख़बर लगेगी की मेरी तबियत ख़राब है तो तुम सुनते ही दौड़ी चली आओगी। देर नही करोगी।

लेकिन जो ख़बर लेके जाएगा, वो तो देर से आएगा तुम तक। तुम को वो देर से ख़बर करेगा।
जब तक मेरी ख़बर तुम तक पोहोंचेगी , में ख़ाक में मिल जाऊंगा, मर जाऊंगा।


Partav-e-khur se hai shabnam ko fana'a ki taaleem
Main bhi hoon ek inaayat ki nazar hote tak

Partav:- light / रौशनी
Khur:- Sun/ खुर्शीद
Shabnam:- Dew drop / ओस की बूंद
Fana:- Destroy / बर्बाद
Taaleem:- Learning/ सीख

जब भी शबनम का कतरा गिरता है, उस पर सूरज की रौशनी गिरती है। और वो रौशनी उसे कहती है की मेरे अंदर रौशनी तो है पर उसमे गर्मी भी है। मैं अपनी गर्मी से तुम को फना कर सकती हूं बर्बाद कर सकती हूं।
रौशनी देते हुवे वो उसे फना होने की तालीम भी दे रही है।

इसी तरह में भी एक शबनम का कतरा हूं। आप मुझ पर एक इनायत करें, मैं भी फना हो जाऊंगा। मैं खुद फना हो जाऊंगा।

Ek nazar besh naheen fursat-e-hastee ghaafil
Garmi-e-bazm hai ik raqs-e-sharar hote tak

Besh:- Lots/ ज़्यादा
Fursat-e-hasti:- Duration of Life/ उम्र
Ghaafil:- Careless/ बेपरवाह 
Bazm:- Assembly/ भीड़
Raqs: dance/ नाच
Sharar:- Spark / Chingari

तुम्हारी एक नज़र पड़ना ही काफ़ी है मुझे जिंदगी गुजारने के लिए। तुम बस एक नज़र देख लो मुझे , और वो काफी है मुझे सारी उम्र उस ख़्याल में जीने के लिए।

इसमें एक और मतलब निकल सकता है जो की ऊपर लिखे गए से बिलकुल उल्टा है।

तुम्हारी नज़र सिर्फ काफी नहीं मुझे उम्र बिताने के लिए। मुझे उससे ज्यादा ज़रूरत होगी। तुम्हारी ज़रूरत होगी।

हम दोनो का मिलना वैसा है जैसा चिंगारी का उठना। उसकी गर्मी से मुझे आराम मिलता है। और तुम जब तक पास रहोगे , वो चिंगारी वो गर्मी उठती रहेगी और मुझे आराम मिलता रहेंगा।

Gham-e-hastee ka 'Asad' kis'se ho juz marg ilaaz
Shamma'a har rang mein jaltee hai sahar hote tak

Hastee: Existence/ जीवन
Juz:- Other than/ उसके अलावा
Marg:- Death/ मौत
Sahar:- Morning/ सुबह 

जिंदगी में गम का मरने के अलावा और कोई इलाज नहीं। बस मौत ही गम को मिटा सकता है।

जिंदगी में हर तरह की फीलिंग्स/ भावनाओं से हम गुजरते हैं, जिंदगी में हर तरह के लम्हे आते हैं जैसे दुख ,सुख, घुरबती, अमीरी etc.  जैसे एक चराग जलती है हर रंग में सुबह होने तक, चिराग के खतम होने तक वैसे ही जिंदगी भी एक चिराग की तरह है।

Read More About Ghalib :- 
Poetry :- Click Here
Translations:- Click Here

No comments:

page top middle