MAT KAR ITNA ZULM MUJH PAR
KE DIL TAAR TAAR NA HO JAE
BAAKI SAB THIK RAHE
AUR DIL BEKAAR HO JAE
KOSHISH KAR KE CHOT NA LAGE DIL KO
KAHIN ZAKHM DEKH
MOHABBAT SHARMSAAR NA HO JAE
मत कर इतना ज़ुल्म मुझ पर
के दिल तार तार न हो जाए
बाकी सब ठीक रहे
और दिल बेकार हो जाए
कोशिश कर के चोट न लगे दिल को
कही ज़ख्म देख
मोहब्बत शर्मसार न हो जाए
मत कर इतना ज़ुल्म मुझ पर
के दिल तार तार न हो जाए
बाकी सब ठीक रहे
और दिल बेकार हो जाए
कोशिश कर के चोट न लगे दिल को
कही ज़ख्म देख
मोहब्बत शर्मसार न हो जाए