GIRAO MAT NAZUK PALKE APNI
DEKHLENE DO JAZBAAT TUMHARE
PAR GIRADO SHARM APNI
DEKHNE DO ANDAAZ TUMHARE
WAQT APNI ZINDAGI KI DEDUNGA SAB TUMHE
DEKH LUN PAHLE AAGAAZ TUMHARE
AUR
PALKEN JHUNKENGI NA MERI BHI TABTAK
JAB TALAK KHATAM NA HO HAR BAAT TUMHARE
गिराओ मत नाज़ुक पलके अपनी
देखलेने दो जज़्बात तुम्हारे
पर गिरदो शर्म अपनी
देखने दो अंदाज़ तुम्हारे
वक़्त अपनी ज़िन्दगी की दे दूंगा सब तुम्हे
देख लूँ पहले आगाज़ तुम्हारे
और
पलकें झुकेंगी न मेरी भी तबतक
जब तलक ख़त्म न हो हर बात तुम्हारे
written by Mustafiz
DEKHLENE DO JAZBAAT TUMHARE
PAR GIRADO SHARM APNI
DEKHNE DO ANDAAZ TUMHARE
WAQT APNI ZINDAGI KI DEDUNGA SAB TUMHE
DEKH LUN PAHLE AAGAAZ TUMHARE
AUR
PALKEN JHUNKENGI NA MERI BHI TABTAK
JAB TALAK KHATAM NA HO HAR BAAT TUMHARE
गिराओ मत नाज़ुक पलके अपनी
देखलेने दो जज़्बात तुम्हारे
पर गिरदो शर्म अपनी
देखने दो अंदाज़ तुम्हारे
वक़्त अपनी ज़िन्दगी की दे दूंगा सब तुम्हे
देख लूँ पहले आगाज़ तुम्हारे
और
पलकें झुकेंगी न मेरी भी तबतक
जब तलक ख़त्म न हो हर बात तुम्हारे
written by Mustafiz